22.1 C
Dehradun, IN
June 1, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
देश

कानपुर: 7 महीने पुराना हिट एंड रन केस, 2 बच्चों की हुई थी मौत…. पुणे रोडरेज के बाद जागी पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

पुणे में एक रईसजादे ने अपनी मंहगी कार से बाइक को टक्कर मार दी जिसमें बाइक सवार दोनों लोगों की मौत हो गई. यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है. कानपुर में भी 7 महीने पहले ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें उस समय तो कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन पुणे की घटना के बाद पुलिस ने नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है.

मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया. यहां अक्टूबर 2023 में 15 साल का नाबालिग अपने तीन दोस्तों को लेकर तेज रफ्तार से कार चला रहा था. नाबालिग लड़के ने कार से मैगी प्वाइंट में टक्कर मार दी थी जिससे दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी. उनकी पहचान सागर निषाद और आशीष रामचरण के रुप में हुई थी. गाड़ी, आरोपी के पिता के नाम पर थी जिनकी गिनती कानपुर के माने जाने डॉक्टरों में होती है. मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज किया था. इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. इस मामले में कानपुर पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है क्योंकि उन्होंने अभी तक मामले में कुछ संतोषजनक कार्रवाई नहीं की थी.

पांच महीने में दो बार मारी टक्कर

पुणे की घटना के सामने आने के बाद कानपुर की घटना ने भी तूल पकड़ा. आरोपी ने अक्टूबर के महीने में टक्कर मारकर दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया था. उसके बाद भी पुलिस ने नरम लहजा रखते हुए आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया था. मार्च के महीने में आरोपी ने रैश ड्राइविंग करते हुए फिर से 4 लोगों को टक्कर मार दी. इसके बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई. लेकिन घटना के बाद अब आनन-फानन में पुलिस ने 7 महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है.

नाबालिग के पिता को बनाया आरोपी

कानपुर पुलिस ने मामले में नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया, साथ ही उसके पिता को भी आरोपी बनाया है. लेकिन फिर भी इस मामले पर सवाल उठने लाजमी हैं की आखिर सात महीने से पुलिस क्या कर रही थी, और अभी तक इस मामले में गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई थी. जब पुलिस पर दबाव पड़ा तभी क्यों पुलिस की आंखें खुलीं.

Related posts

नदी के तेज बहाव में फ़सी 11 जिंदगी …SDRF ने रेस्क्यू कर सकुशल बचाया…..

Uttarakhand Loksabha

दिल्ली के महरौली पार्क की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर SC ने ASI को बनाया पक्षकार, मांगी रिपोर्ट

Uttarakhand Loksabha

आज क्यों शहीद दिवस मनाती है TMC, जानें 31 साल पुराना कोलकाता फायरिंग केस

Uttarakhand Loksabha