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October 12, 2026
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6 साल से क्यों खेल रही सीबीआई लुका- छुपी का खेल: जनसंघर्ष मोर्चा

हरीश रावत सरकार का स्टिंग क्या था इन ब्लैकमेलरों ने!

सीबीआई बनकर रह गई है सिर्फ कठपुतली !

मोर्चा की पीआईएल पर इन तीनों को लिया गया था सीबीआई जांच के दायरे में |

विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन हरीश रावत सरकार का स्टिंग करने वाले तीन ब्लैकमेलरों/ जालसाजों यथा हरक सिंह रावत तत्कालीन मंत्री, उमेश शर्मा पत्रकार व मदन बिष्ट विधायक द्वारा ब्लैकमेलिंग/ जालसाजी व मोटी डील कर सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से स्टिंग किया गया था, जिसको केंद्र सरकार की पूरी शह थी तथा इसी आधार पर रातों-रात राजभवन द्वारा हरीश रावत सरकार के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई थी |

इन तीनों द्वारा साजिशन स्टिंग करने का मकसद सिर्फ निजी ही था न की जनहित | उक्त मामले में वर्ष 2016 में मोर्चा द्वारा इन ब्लैक मेलरों/ जालसाजों, जिन्होंने अपने उद्देश्य पूर्ति के लिए स्टिंग को अंजाम दिया था, के नापाक इरादों को लेकर इन तीनों को भी सीबीआई जांच में पार्टी बनाने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी

जिसमें मांग की गई थी कि अगर हरीश रावत सरकार गलत थी तो उनके खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश हो गए, लेकिन जिन्होंने स्टिंग को अंजाम दिया था क्या वो लोग पाक- साफ हैं, इनका क्या उद्देश्य था, स्टिंग किस उद्देश्य से किया गया था! इनके अपराधिक व जालसाजी वाले इतिहास का भी संज्ञान लिया जाना जरूरी है |

मामले की गंभीरता को देखते हुए मा. उच्च न्यायालय ने अगस्त 2018 को इन तीनों को भी सीबीआई जांच के दायरे में लिए जाने के निर्देश दिए |

यानी इनके खिलाफ भी सीबीआई जांच के आदेश दिए गए | मा. न्यायालय के आदेश के क्रम में सीबीआई ने दिल्ली में दिनांक 23/ 10/19 को इन तीनों के खिलाफ चार सौ बीसी व भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया |

इन तीनों में से हरक सिंह रावत और उमेश शर्मा के भ्रष्टाचार व जालसाजी के मामले देश प्रदेश में जग जाहिर हैं |

हैरान करने वाली बात यह है कि 6 साल हो गए हैं, लेकिन सीबीआई द्वारा सिर्फ इनको सीबीआई दफ्तर में उपस्थित होने का फरमान जारी किया जाता रहा है, लेकिन जांच के मामले में एक कदम भी सीबीआई आगे नहीं बढ़ पाई |

ऐसे जालसाजों की वजह से प्रदेश लगातार गर्त में जा रहा है |

प्रश्न यह उठता है कि क्या सीबीआई सिर्फ और सिर्फ केंद्र सरकार पर के इसारे पर काम करने वाली कठपुतली है या विरोधियों पर शिकंजा कसने वाली ! मोर्चा केंद्र सरकार से मांग करता है कि कठपुतली बन चुकी सीबीआई को इन तीनों जालसाजों के खिलाफ जांच में गति लाने हेतु निर्देशित करे|

कोई कितना भी बड़ा नेता या अधिकारी हो, मोर्चा के चाबुक से नहीं बच सकता|

पत्रकार वार्ता में- मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व दिलबाग सिंह मौजूद थे

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