21.6 C
Dehradun, IN
April 17, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
टेक्नोलॉजी

AI चिप शादी के वीडियो को बनाएगी लाइव जैसा, साथ ही एडिटिंग का टाइम होगा कम

भारत में शादियों में वीडियोग्राफी का क्रेज बहुत ज्यादा है, अब प्री-वेडिंग, वेडिंग, हल्दी, मेहंदी और दूसरी कई रस्म की वीडियो ग्राफी कराते हैं. देश में इस समय शादी की वीडियोग्राफी का बिजनेस करीब 70 हजार करोड़ रुपए का है.

इस बिजनेस पर अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी एनवीडिया की नजर है. जिसके चलते कंपनी ने एक ऐसी AI चिप लॉन्च की है जो शादी के वीडियो को लाइव जैसा बनाती है. साथ ही ये AI चिप वीडियो एडिटिंग के टाइम को आधा करती है.

शादी में वीडियोग्राफी पर खर्च होते हैं इतने रुपए

अगर मिडिल क्लास फैमिली की शादी की बात करें और वीडियोग्राफी पर खर्च होने वाले एवरेज खर्च की बात करें तो ये 20 से 70 हजार रुपए के आसपास होती है. वहीं बड़ी शादी में 15 से 20 लाख रुपए तक खर्च होते हैं. देश में कुल सालाना शादी की बात करें तो ये संख्या 1 करोड़ तक पहुंच जाती है और कुल शादियों पर होने वाला खर्च 11 लाख करोड़ रुपए के आसपास पहुंच जाता है. इसी वजह से अमेरिकी टेक कंपनी एनवीडिया ने वीडियोग्राफी को आसान करने के लिए AI चिप लॉन्च की है.

कैसे होगा इस AI चिप से फायदा

शदियों के वीडियो एडिटिंग होते हैं. एक स्टूडियो के लिए उनकी बैकएंड लागत का 40% हिस्सा एडिटिंग पर खर्च होता है. एनवीडिया की एआई चिप आरटीएक्स 40 सुपरस्पीड में शादियों के इन वीडियो को एडिटिंग कर सकती है. छह भारतीय कंप्यूटर निर्माता एनवीडिया चिप्स की सीरिज का इस्तेमाल कर रहे हैं. एआई से लैस आरटीएक्स चिप्स बहुत सारे विजुअल डेटा और कैलकुलेशन को बिना धीमा किए संभाल सकती है.

इससे वीडियो सजीव बनते हैं. एडिटिंग की लागत में कमी आएगी और बहुत ही कम समय में बेहतर गुणवत्ता का वीडियो मिलता है. यहां तक कि शादी समारोह के एक दिन की क्लिप संकलित करने में भी एक वीडियो संपादक को पूरा दिन लग जाता है. इस चिप की मदद से वीडियो एडिटर दो से तीन दिन के वीडियो को एक दिन में एडिट कर सकता है.

Related posts

1000 रुपये से कम में मिल रहे हैं ब्रांडेड स्ट्रेटनर, हर दिन बनाएं अलग हेयर स्टाइल

Uttarakhand Loksabha

Split AC में इस वजह से लग रही है गर्मी में आग, भूलकर भी आप न करें ये बड़ी गलती

Uttarakhand Loksabha

Electricity Bill करना है कम? तो ऐसे पता लगाएं AC, कूलर, पंखे ने कितनी बिजली फूंकी

Uttarakhand Loksabha