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October 17, 2026
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महाराष्ट्र: दुग्ध उत्पादकों को मिलती है सिर्फ 5 रुपए की सब्सिडी, चुनावी साल में मिलेगी खुशखबरी?

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सहकारी दुग्ध संघों (Cooperative Milk Unions) और निजी दुग्ध परियोजनाओं (Private Milk Projects) के माध्यम से इकट्ठा किए गए गाय के दूध पर दुग्ध उत्पादकों (Milk Producers) और किसानों को जनवरी 2024 में ही 5 रुपए लीटर सबसीडी दी है, लेकीन यह सबसिडी सिर्फ तीन महीने के लिए दी गई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में हर रोज 1 करोड़ 45 लाख 21 हजार दूध का उत्पादन होता है और प्रतिदिन 1.62 करोड़ लीटर दूध की खरीद होती है. राहूरी कृषी विश्वविद्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, एक लीटर गाय के दूध का उत्पादन खर्चा 40 से 43 रुपये है, और गाय का एक लीटर दूध 39 रुपये में बेचा जा रहा है, इसलिए दूध उत्पादकों को घाटा हो रहा है.

सब्सिडी नहीं चाहिए

इसी के चलते दूध उत्पादक 40 रुपये प्रति लीटर न्यूनतम खरीद मूल्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं. इसके लिए किसानों ने अनशन भी किया था और दूध उत्पादकों को अब 5 रुपये सब्सिडी नहीं चाहिए बल्कि उनको दूध के दाम बढ़ाकर चाहिए. राज्य के रेवेन्यू मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से इस संबंध में चर्चा की है और किसानों की मांग उनके सामने रखी है. एक चर्चा के अनुसार, दूध उत्पादकों का आंदोलन ज्यादा तर महाराष्ट्र में चल रहा है, देशभर से यह मांग उठ नहीं रही है, इसलिए केंद्र सरकार इस मामले में कोई कदम उठाएगी ऐसी संभावना कम नजर आ रही है. हालांकि हो सकता है कि केंद्र सरकार यह मामला राज्य सरकार पर छोड़ दें.

विखे पाटील ने की अमित शाह से मुलाकात

दूसरी चर्चा के मुताबिक, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव है, इसलिए सरकार दूध उत्पादकों को लुभाने के लिए भाव न बढ़ा कर हो सकता है उनको सब्सिडी दे दें. विखे पाटील ने 4 जुलाई के आसपास केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस मामले पर चर्चा भी की थी, तब अमित शाह ने प्रस्ताव भेजने के लिए कहा था. अब 15 दिन के बाद भी कोई हलचल नहीं दिख रही है.

सिर्फ महाराष्ट्र में ही इस समस्या को लेकर दूध उत्पादक आवाज उठा रहे हैं, हालांकि दूसरे राज्यों में दूध के दाम को लेकर कोई आंदोलन नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए केंद्र सरकार केवल एक राज्य के लिए निर्णय लेगी इस बात की आशंका बहुत कम है.

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