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July 17, 2026
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मध्यप्रदेश

PM कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के ID कार्ड में छात्रों की जाति पूछने पर बवाल…कांग्रेस बोली- पहले धर्म अब जाति के नाम पर बांट रही भाजपा

झाबुआ: मध्य प्रदेश में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 55 एक्सीलेंस कॉलेजों का शुभारंभ किया था। लेकिन कॉलेज के आईडी कार्ड में छात्रों की जाति पूछे जाने पर बवाल मच गया है। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आपत्ति लेते हुए कहा है कि ‘भाजपा पहले धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही थी, अब आईडी कार्ड में जाति लिखकर जात-पात के नाम पर युवाओं को बांटा जा रहा है।

विधायक विक्रांत भूरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म x (ट्विटर) पर पीएम एक्सीलेंस कॉलेज का एक आईडी कार्ड पोस्ट कर लिखा है कि ‘क्या प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हमारे यहां फिर से “वर्ण व्यवस्था” पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को स्थापित करना चाहते हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस रतलाम के छात्र नागेश्वर के आईडी कार्ड से तो यही जाहिर हो रहा है, जिसमें छात्र नागेश्वर की जाति लिखी गई है।’

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भोपाल: सड़क पर नमाज पढ़ने और लाउडस्पीकर पर कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में है। इस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार व्यक्ति विशेष को परेशान कर रही है, यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को  सड़क पर नमाज दिख रही लेकिन बाकी चीज नहीं दिख रही है।  कांग्रेस विधायक ने कहा कि मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं, लेकिन शहर में डीजे बज रहे हैं उन्हें लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि जहां एक लाउडस्पीकर है उसे भी हटाया जा रहा है। मसूद ने कहा कि सरकार सदन में कह चुकी है कि लाउडस्पीकर पर बैन नहीं लगा है, तेज बजाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सब मानने को तैयार है। लेकिन नियम के तहत कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके लिए सरकार को आदेश निकालना चाहिए। सीएम मोहन को सड़क पर पढ़ी जा रही नमाज दो दिख रही है लेकिन बाकी चीजें नहीं। सरकार के ये आदेश संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कल मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13/12/2023 का हवाला देकर लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 In Re Noise Pollution में पारित दिनांक 18/07/2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने के लिए आदेश का पालन करने हेतु सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो।

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