17.4 C
Dehradun, IN
January 15, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्ड

क्या ईरान के सबसे मजबूत गुर्गे को चुपके से चोट देगा इजराइल? बयान शांति के, तैयारी युद्ध की

इजराइल और लेबनान में क्या होने वाला है, इसको लेकर पूरी दुनिया में चिंता है. पिछले एक महीने से हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच तनाव अपने चरम पर है, और इस तनातनी के युद्ध में तब्दील होने की पूरी आशंका है. इसकी तैयारियां और आहटें नजर भी आ रही हैं. दुनिया भर के करीब 10 देशों ने अपने नागरिकों से लेबनान छोड़ने के लिए कहा है. कई देशों की ये एडवाइजरी इस बात का संकेत है कि इजराइल के उत्तरी बॉर्डर पर कभी भी जंग भड़क सकती है.

जर्मनी एंबेसी ने अपनी वेबसाइट पर एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि जल्द से जल्द जर्मन नागरिक लेबनान छोड़ दें, अगर हालात बिगड़ते हैं तो एयर ट्रैफिक रुक जाएगा ऐसे में नागरिकों को निकाल पाना हमारे लिए मुश्किल होगा. वहीं अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जॉन किर्बी ने मीडिया से कहा, “हम लेबनान के साथ तीसरी जंग को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि जंग के लिए एक और मोर्चा न खुले.”

किन देशों ने बुलाए अपने नागरिक

बुधवार को नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा, “डच नागरिक लेबनान की यात्रा करने से बचें और वहां रहने वाले नागरिक जल्द वहां से बाहर निकलें.” मंत्रालय ने ये भी बताया कि अभी कमर्शियल फ्लाइट्स सामान्य रूप से चल रही हैं. जर्मनी ने भी यात्रा चेतावनी जारी की है और लेबनान में मौजूद अपने नागरिकों से देश छोड़ने के लिए कहा है. विदेश मंत्रालय ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, “लेबनान में मौजूद जर्मन नागरिकों से तत्काल देश छोड़ने को कहा गया है. इजरायल और लेबनान के बीच सीमा पर स्थिति बहुत तनावपूर्ण है.”

इसके अलावा कुवैत, कनाडा, उत्तर मैसेडोनिया आदि देशों ने भी इसी तरह की चेतावनी जारी की हैं. वहीं हिजबुल्लाह के साथ बढ़े तनाव के बीच इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलांट वाशिंगटन यात्रा पर हैं. जहां उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ हिजबुल्लाह के खतरे से निपटने के लिए बैठकें की हैं.

इजराइल नहीं चाहता लेबनान से युद्ध-रक्षा मंत्री

इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने वाशिंगटन में कहा कि उनका देश लेबनान में युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन कूटनीति विफल होने पर हिजबुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, “हिजबुल्लाह अच्छी तरह से समझता है कि अगर युद्ध शुरू हुआ तो हम लेबनान में भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं.” वहीं बैठक के बाद जॉन किर्बी ने कहा कि हम जंग के दूसरे मोर्चे को खुलने से रोकने के लिए कोशिश कर रहे हैं.

तुर्की आया लेबनान के साथ

तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने कहा कि उनका देश इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच लेबनान के साथ खड़ा है. बुधवार को एर्दोगन ने क्षेत्रीय देशों से लेबनान का समर्थन करने का आह्वान भी किया है. संसद में दिए गए भाषण में एर्दोगन ने दावा किया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा युद्ध को पूरे क्षेत्र में फैलाने की योजना बना रहे हैं. एर्दोगन ने कहा, “ऐसा लगता है कि गाजा को तबाह करने के बाद अब इजराइल ने लेबनान पर अपनी नज़रें गड़ा दी हैं.” उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देश पर्दे के पीछे से इजराइल को समर्थन दे रहे हैं, उन्होंने इजरायल के लिए पश्चिमी समर्थन को दयनीय बताया है.

हिजबुल्लाह को ईरान का समर्थन

हिजबुल्लाह एक ऐसा संगठन है जिसके पीछे सबसे बड़ी ताकत ईरान को माना जाता है. ईरान ही इस संगठन को हथियार देता है. गाजा युद्ध में भी हिजबुल्लाह ने हमास के समर्थन में कई बार इजराइल की तरफ वार किए हैं. हिजबुल्लाह की ताकत हमास से ज्यादा है, ऐसे में अगर लंबे वक्त से युद्ध लड़ रहे इजराइल के लिए एक नए मोर्चे पर लड़ाई लड़ना थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी माना जा रहा है. हिजबुल्ला पहले ही इजराइल के सबसे मजबूत सिस्टम में घुसने का नमूना दे चुका है.

Related posts

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सिलक्यारा टनल हुई ब्रेकथ्रू

Uttarakhand Loksabha

त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 के तहत जनपद रुद्रप्रयाग में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सम्पन्न

Uttarakhand Loksabha

जरूरत से ज्यादा पानी पीने पर शरीर में दिखने लगते हैं ये लक्षण

Uttarakhand Loksabha