19.3 C
Dehradun, IN
January 15, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
उत्तरप्रदेश

डूबता जहाज, वर्तमान और भविष्य खतरे में… अखिलेश यादव के मानसून ऑफर पर केशव प्रसाद मौर्य का जवाब

उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल बीजेपी के भीतर खींचतान का दौर जारी है. राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर कयासों का बाजार भी गर्म है. इस बीच सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक दिन पहले आग में घी डालने का काम किया. उन्होंने ने इशारों ही इशारों में मानसून ऑफर दे दिया और कह दिया कि 100 लाओ और सरकार बनाओ. अब एक दिन बाद खुद केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के पोस्ट पर पलटवार किया है.

डिप्टी सीएम ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि मानसून ऑफर को 2027 में 47 पर जनता और कार्यकर्ता फिर समेटेंगे. एक डूबता जहाज और समाप्त होने वाला दल जिसका वर्तमान और भविष्य खतरे में है. वह मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख सकता है, लेकिन पूरा नहीं हो सकता है. 2027 में 2017 दोहराएंगे और फिर कमल की सरकार बनाएंगे.

अखिलेश के ऑफर से पहले नड्डा से मिले थे मौर्य

अखिलेश यादव ने कल यानी 18 जुलाई की सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालते हुए मानसून ऑफर दिया था. यूपी बीजेपी में चल रही खींचतान के बीच उनके इस पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा गया. अखिलेश यादव के इस पोस्ट से पहले मंगलवार को केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली पहुंचे थे और यहां वो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले थे. दोनों नेताओं के बीच में करीब एक घंटे तक बैठक चली थी. इसके तुरंत बाद यूपी बीजेपी चीफ भूपेंद्र चौधरी ने भी नड्डा से मुलाकात की.

नेताओं से फीडबैक ले रहा बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व

सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन पर बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व अलग-अलग नेताओं से मिलकर फीडबैक ले रहा है. माना जा रहा है कि नड्डा ने मौर्य और फिर भूपेंद्र चौधरी के साथ बैठक में खराब प्रदर्शन पर फीडबैक लिया था. सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई अलग-अलग मुलाकात में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और प्रशासन द्वारा पार्टी के खिलाफ काम को चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह बताया.

Related posts

अफसर नहीं सुनते…बीजेपी के सहयोगी संजय निषाद ने की सीएम योगी से शिकायत

Uttarakhand Loksabha

‘मां सीता के कपड़े…’, ऐसा क्या बोल गए इंद्रदेव महाराज कि मांगनी पड़ी माफी?

Uttarakhand Loksabha

विधानसभा में राजा भैया समेत इन विधायकों ने छुए सीएम योगी के पैर

Uttarakhand Loksabha