Category : धर्म
Kark Sankranti 2024: इस दिन है कर्क संक्रांति, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
Kark Sankranti 2024: सावन माह की संक्रांति को कर्क संक्रांति कहा जाता है. यह पर्व धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सूर्य मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं. इस साल कर्क संक्रांति 16 जुलाई यानी मंगलवार के दिन है. हिन्दू धर्म में सूर्य की पूजा के लिए संक्रांति का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. कर्क संक्रांति को सूर्य उत्तरायण काल से दक्षिणायन काल में आते हैं, और मकर संक्रांति तक इसी काल में रहते है. मान्यता के अनुसार, कर्क संक्रांति के दिन सूर्यदेव की पूजा अर्चना करने से जीवन […]...
सावन में कब है मंगला गौरी व्रत, महिलाओं के लिए क्यों है खास?
हिन्दू धर्म में भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना 22 जुलाई दिन सोमवार से शुरू होने जा रहा है. सोमवार को भगवान शिव के निमित्त व्रत रख उनका पूजन किया जाएगा. तो वहीं सावन माह के पहले मंगलवार का भी विशेष महत्व है. यह दिन मां पार्वती को समर्पित है. महिलाएं इस दिन मंगला गौरी का व्रत रखती है.इस बार सावन के पहले दिन भोलेनाथ और दूसरे गौरी माता की पूजा विधि विधान से की जाएगी. मंगला गौरी व्रत की शुरुआत सावन शुरू होने के अगले दिन यानी 23 जुलाई से होगी. इस दिन पहला मंगला गौरी व्रत रखा […]...
Sawan 2024 : भगवान शिव को क्यों प्रिय होता है सावन का महीना? जानें कारण
Sawan 2024 : हिंदुओं के लिए सावन का महीना बहुत महत्वपूर्ण महीना माना जाता है. यह महीना भक्ति और आध्यात्मिकता का महीना होता है. सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है, इसलिए भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए इस पूरे महीने भोलेनाथ और माता पार्वती की खास पूजा अर्चना की जाती है. कुछ शिवभक्त सावन के पूरे महीने का व्रत रखते हैं और कुछ भक्तजन सावन के प्रत्येक सोमवार के व्रत रखते हैं. इस दौरान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के साथ साथ उनकी विशेष पूजा अर्चना भी की जाती है. कब से शुरू हो रहा […]...
सुहागिनों के लिए मंगला गौरी व्रत क्यों होता है खास? जानें कब से होगा शुरू
हिंदू धर्म में सुहागिन महिलओं से जुड़े कई व्रतों के बारे में वर्णन मिलता है. इन व्रतों का अपना-अपना महत्व है. ऐसा ही एक व्रत है मंगला गौरी माता का जिसे मंगला गौरी व्रत कहा जाता है. इसे बहुत शुभ फलदायक माना जाता है. इस व्रत को सुहागिन महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन और संतान प्राप्ति के लिए करती हैं. सावन के महीने में हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने का विधान है. जिस प्रकार सावन सोमवार का महत्व माना जाता है, ठीक उसी तरह सावन के मंगलवार का भी विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता अनुसार सावन सोमवार […]...
अमावस्या की शाम इस विधि से करें पूजा, जीवन में नहीं आएगा कोई संकट!
हिन्दू धर्म में अमावस्या का दिन पितरों को समर्पित होता है. इसके अलावा यह दिन तंत्र साधना के लिए ज्यादा महत्व रखता है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंड दान किया जाता है. साथ ही स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. गरुड़ पुराण के अनुसार, अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण करने से व्यक्ति को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है. साथ ही घर में सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन होता है. इस दिन कालसर्प दोष और पितृ दोष का भी निवारण किया जाता है. अमावस्या के दिन […]...
‘बाबा’ बन ऐसे चलता है सत्संग का कारोबार, कमाई भी होती है अपरंपार
‘बाबा’ या ‘गुरुजी महाराज’… जब भी आप ये शब्द सुनते हैं, तो सबसे पहले आपके जेहन में एक बड़ा सा पंडाल, वहां बैठे लाखों भक्त और एक ऊंचे से मंच पर बैठकर प्रवचन करता एक शख्स ध्यान में आता है. उत्तर प्रदेश के हाथरस में भी ‘भोले बाबा’ के प्रवचन का कार्यक्रम ऐसा ही था, जहां भगदड़ मचने से 121 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है. हाल में देश के अंदर लाखों भक्तों की भीड़ जुटाने वाले ऐसे ‘बाबाओं’ या ‘गुरुजी महाराज’ का बोलबाला खूब बढ़ा है. लेकिन क्या आपको इससे जुड़े कारोबार का अंदाजा है. चलिए […]...
प्रदोष व्रत पर शिव-पार्वती की इस विधि से करें पूजा, घर में बनी रहेगी खुशहाली!
आषाढ़ का महीना इस साल कई संयोग लेकर आया है. बुध प्रदोष व्रत के साथ-साथ मासिक शिवरात्रि इसी महीने में है. तीन जुलाई को प्रदोष व्रत और चार जुलाई को मासिक शिवरात्रि पड़ने से एक खास संयोग का निर्माण हुआ है. प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. हर महीने हिन्दू धर्म में प्रदोष व्रत के दौरान भगवान भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि प्रदोष का व्रत रखने से जीवन में सभी प्रकार के दुखों से मुक्ति मिलती है. इसके साथ साथ ही घर में सुख शांति आती […]...
इस कारण हर महीने मनाया जाता है शिवरात्रि का पर्व, क्या है इसका महत्व?
हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. शिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है. भोलेनाथ के साथ साथ माता पार्वती की कृपा पाने के लिए भक्त गण इस दिन पूरे विधि विधान और श्रद्धा के साथ भगवान शिव और मां पार्वती का व्रत और पूजन करते हैं. इस वर्ष शिवरात्रि 4 जुलाई 2024, दिन वीरवार को मनाई जाएगी. शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है इसको लेकर बहुत सी पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. शिवरात्रि का पर्व मनाने के पीछे की कुछ पौराणिक कथाएं भगवान शिव का विवाह पौराणिक […]...
इस साल सावन में 4 नहीं 5 सोमवार पड़ेंगे, जानें जुलाई में कब से होगी इस माह की शुरुआत
हिंदू धर्म में सावन मास का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा-उपासना की जाती है. सावन ही भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना माना जाता है. इस पूरे माह के दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक करने से लेकर कावड़ यात्रा निकाली जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन मास के दौरान भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और हर तरह के दुखों से छुटकारा मिल जाता है. भोलेनाथ की असीम कृपा पाने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे श्रेष्ठ माना गया है. कब से […]...
योगिनी एकादशी पर पूजा के समय सुनें ये कथा, हर कार्य में मिलेगी तरक्की!
हिन्दू धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस साल 2024 में योगिनी एकादशी का व्रत 2 जुलाई को रखा जाएगा. मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से व्रत रखने वाले लोगों को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है. इसके साथ ही वह इस लोक के सुख भोगते हुए स्वर्ग की प्राप्ति करते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य प्राप्त होता है. इस दिन व्रती लोगों को भगवान विष्णु की पूजा कर व्रत […]...

