22.2 C
Dehradun, IN
September 2, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

अब शहीद जवान की पत्नी और माता-पिता में बंटेगी परिजनों को दी जाने वाली एक करोड़ की सहायता राशि

भोपाल। शहीद जवान के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि अब जवान के माता-पिता और पत्नी में आधी-आधी दी जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को दी जाने वाली एक करोड़ की सहायता राशि अब पत्नी के साथ माता-पिता को भी दी जाएगी। अब शहीद जवान के माता-पिता और पत्नी को 50-50 लाख रुपए सहायता राशि के रुप में मिलेंगे।

नियमों में संशोधन की मांग

हाल ही में शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शहीद अंशुमान की मां ने सरकार से अनुग्रह राशि के नियमों में बदलाव की मांग की थी। मांग थी कि शहीद जवान को मिलने वाली अनुग्रह राशि पत्नी के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी मिलना चाहिए। उनका आरोप था कि बहू सारा पैसा और कीर्ति चक्र भी लेकर मायके चली गई। जिसके बाद से ‘नेक्स्ट ऑफ किन’ (एनओके) नियमों में संशोधन की मांग भी उठने लगी थी।

शहीद के परिजनों को दिए जानें वाली राशि का नियम

बता दें जवान के शहीद होने के बाद अविवाहित होने की स्थित में माता-पिता को अनुग्रह राशि दी जाती है, लेकिन जवान के शादीशुदा रहने पर राशि विधवा पत्नी को दी जाती है। भारत सरकार ने ‘नेक्स्ट ऑफ किन’ (एनओके) नियमों में अभी कोई बदलाव नहीं किया है। जबकी मध्य प्रदेश सरकार ने ये फैसला मध्य प्रदेश पुलिस के संबंध में लिया है।

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पुलिस भर्ती समेत कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसमें यह फैसला भी शामिल है। सरकार द्वारा लिए गए अन्य फैसले..

  • मोहन सरकार ने प्रदेश में 7500 पुलिस भर्तियां निकालने का ऐलान किया है।
  • पुलिस कर्मियों के लिए 25 हजार आवास निर्मित किए जानें की घोषणा की है।
  • प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की व्यवस्था करने का ऐलान किया गया है।

Related posts

नर्मदा ब्रिज से कूदी युवती, मछुआरे ने नाव से बचाया

Uttarakhand Loksabha

संस्कारधानी को हिलाकर भयाक्रांत करने वाली तारीख आज, भूकंप के मामले में जबलपुर संवेदनशील

Uttarakhand Loksabha

मनावर क्षेत्र में टेंट व्‍यापारी के घर 25 नकाबपोश बदमाशों ने की लूट, स्‍वजनों की गर्दन पर रख दी थी बंदूक

Uttarakhand Loksabha