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February 20, 2026
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मध्यप्रदेश

सावधान! बिजली बिल बकाया है तो न करें देरी, प्रशासन उठाने जा रहा सख्त कदम, हो सकती है ये कार्रवाई

मुरैना: बिजली का बिल नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ पूरा प्रशासन लामबंद हो चुका है। पुलिस और राजस्व विभाग भी मिलकर बिजली चोरी से लेकर बिजली बिल की बकाया की वसूली करवाने में बिजली कंपनी का साथ देंगे। ऐसे लोगों के कंधों से बंदूकें उतरवाई जाएंगी, जिनके नाम बंदूक के लाइसेंस हैं और बिजली बिल का पैसा जमा नहीं कर रहे।

बड़े बकायदारों की सम्पत्ति कुर्क करने, बैंक खाते सीज कराने, जिलाबदर, वाउंडओर जैसी कार्रवाई की तैयारी है।जिलेभर में बकायदारों के नाम की लिस्ट टांगी जा रही है, जिनके खिलाफ कुर्की तक की कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है।

1600 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिल बकाया

29 जून को मप्र विद्युत एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव मुरैना आए थे। इस दौरान पॉश कालोनियों में बिजली की चोरी और ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं पर 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया देखकर खासी नाराजगी जताई थी। पूरे प्रशासन को मिलकर बिजली चोरी व बकाया राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए थे।

कलेक्टर अंकित अस्थाना ने दिए सख्त निर्देश

मंगलवार को कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बिजली कंपनी महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, कि ऐसे उपभोक्ताओं को चिन्हित करें, जिनके नाम शस्त्र लाइसेंस हैं और वह बिजली बिल जमा नहीं कर रहे। ऐसे उपभोक्ताओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएं। कलेक्टर ने शस्त्र शाखा के प्रभारी को भी निर्देश दिए हैं, कि इन आदेशों का पालन तत्काल किया जाए।

कलेक्टर ने जिलेभर के एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करके मैरिज गार्डन, फैक्ट्री, बड़े प्लांट, उद्योग आदि की तालाबंदी करें, जो बिल नहीं चुका रहे। कलेक्टर ने बड़े बकायदारों के खिलाफ बाउण्डओवर या जिलाबदर की कार्रवाई का प्रकरण बनाकर भेजने के निर्देश भी समस्त एसडीएम को दिए हैं।

दुकान में किसी भी समय चेकिंग कर सकेंगे कर्मचारी

बिजली कंपनी ने अपील जारी करते हुए कहा है, कि बिजली कंपनी के अधिकृत कार्मिक अथवा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी को मीटर रीडिंग लेने या बिजली की जांच करने के लिए प्रवेश करने से न रोकें।

विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं मप्र विद्युत प्रदाय संहिता 2013 में दिए गए प्राविधानों के तहत मीटर की रीडिंग, जांच, विजिलेंस चेकिंग तथा अन्य बिजली संबंधी कार्य के लिए कंपनी को सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के परिसर में सूचना देकर प्रवेश करने के कानूनी अधिकार है।

घरों में चेकिंग करने के अलग नियम

केवल घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के मामले में घरेलू स्थल अथवा परिसर का निरीक्षण, जांच, सूर्यास्त और सूर्योदय के मध्यकाल के दौरान अधिवासी वयस्क पुरुष की उपस्थिति में आवश्यक है। कोई भी उपभोक्ता जांच करने आए बिजली कर्मचारी से फोटोयुक्त परिचय पत्र देखने की मांग कर सकते हैं।

पहले की आमर्ड केबल से चोरी रुकी नहीं अब फिर होंगे करोड़ों खर्च

मुरैना जिले में चोरी को रोकने के लिए कंपनी फिर बिजली लाइनों का केबलीकरण करवाएगी। कई जगह बिजली लाइनों को अंडर ग्राउण्ड बिछाने की भी योजना है, इस पर 140 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन 140 करोड़ रुपये से 95 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनों को जमीन के अंदर (अंडर लाइन) बिछाया जाएगा।

136 किलोमीटर तारों को हटाकर आमर्ड केबल डालने और पूर्व में डाली गई 165 किलोमीटर लंबी आमर्ड केबल को बदलने पर खर्च किया जाएगा। हैरानी की बात यह है, कि करीब नौ साल पहले जहां आमर्ड केबल डलीं, वहां अभी भी 80 फीसद बिजली चोरी हो रही है।

उदाहरण ऐसे समझें कि शहर के बीचों बीच दत्तपुरा क्षेत्र हो या फिर उत्तमपुरा, रामनगर से लेकर सिद्धनगर जैसे क्षेत्र जहां, आमर्ड केबल केवल दिखाने के लिए डली है। कईयों जगह आमर्ड केबल में अब तक बिजली लाइन नहीं जोड़ी गई।

आज भी पुराने जर्जर हाल बिजली तारों से सप्लाई हो रही है। यह बिजली लाइनें इतनी जर्जर हैं कि एक-एक फीट पर इनमें जाइंट लगे हैं। चूंकि इन तारों से बिजली चोरी आसानी से हो जाती है, इसलिए बिजली चोरी का ग्राफ बढ़ा हुआ है।

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