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April 13, 2026
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48 घंटे के अंदर टीम इंडिया से बाहर होने वाले खिलाड़ी का बड़ा बयान, डेब्यू करने का सपना टूटा

भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज यानी 7 जुलाई से 5 मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है. इस सीरीज के लिए शुभमन गिल की कप्तानी में एक युवा टीम खेलने उतरेगी. भारतीय टीम में उन खिलाड़ियों को भी मौका दिया है, जिन्होंने आईपीएल 2024 में अपनी छाप छोड़ दी. इनमें एक नाम युवा ऑलराउंडर नितीश रेड्डी का भी था. लेकिन टीम सेलेक्शन के 48 घंटे के अंदर ही उन्हें चोट के चलते टीम से बाहर होना पड़ा था, जिसे चलते जिम्बाब्वे सीरीज के लिए टीम इंडिया के डेब्यू करने का उनका सपना टूट गया. नितीश रेड्डी ने अब अपनी वापसी पर बड़ा बयान दिया है.

चोट के चलते टीम से बाहर होने पर नितीश रेड्डी का बड़ा बयान

नितीश रेड्डी आईपीएल 2024 के लिए चर्चों में आए थे. उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. जिसके बाद उन्हें टीम इंडिया में शामिल किया गया, लेकिन चोट ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया. नीतीश ने एएनआई से बात करते हुए अपनी चोट पर कहा कि यह खेल का हिस्सा है, इसलिए मैं इस चोट को अपने दिमाग में ज्यादा नहीं लेता. मैं भविष्य पर भी ध्यान लगाने करने की कोशिश कर रहा हूं. हर जगह मौके मिलते हैं और जब मौका मिले तो आपको तैयार रहना होगा. यह मेरे लिए पहला मौका था, और मैं इससे बहुत खुश हूं. चोट दुनिया भर के किसी भी एथलीट के लिए बड़ी परेशानी होगी, इसलिए जैसे ही मैं इस चोट से उबर जाऊंगा, मैं मैदान पर वापस आ जाऊंगा, और इससे मुझे किसी और चीज से ज्यादा खुशी मिलती है.

सिक्स हिटर कैसे बने नितीश रेड्डी?

नितीश रेड्डी ने आईपीएल के इस सीजन में बड़े-बड़े शॉट लगाकर फैंस को अपना दीवाना बनाया. उन्होंने इस सीजन में 13 मैच खेलते हुए 303 रन बनाए. उन्होंने ये भी बताया कि सिक्स हिटर बनने के लिए उन्होंने कितनी मेहनत की. 21 साल के नितीश रेड्डी ने कहा कि पहले साल मुझे बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था. इसके बाद मैंने 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंद का सामना करने का अभ्यास किया. खेल के शुरुआती चरण में मेरी पसलियों और जांघ पर चोट भी लगी. लेकिन मैं हमेशा कहता था कि मुझे गति से डरना नहीं चाहिए और एक महीने के बाद मैंने तेज गेंदों पर अच्छी तरह से बल्लेबाजी करना शुरू कर दिय. मैं हर दिन करीब एक घंटे तक शैडो प्रैक्टिस करता था और इससे मुझे अपनी बल्लेबाजी को सुधारने में मदद मिली.

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