22.1 C
Dehradun, IN
June 2, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
देश

पश्चिम बंगाल में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं से ममता सरकार चिंतित, अफसरों को जारी किए ये निर्देश

पश्चिम बंगाल में पिछले दिनों मॉब लिंचिंग की एक घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें एक स्थानीय नेता 2 लोगों को बीच सड़क पर बुरी तरह से मार रहा था. इस घटना पर राज्य सरकार की बड़ी किरकिरी हुई थी. राज्य सरकार से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, प्रदेश में लिंचिंग की लगातार बढ़ती घटनाओं को रोकने और उन पर काबू रखने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने समेत कई अन्य उपाय करने का निर्देश दिया है.

राज्य के एडीजी (कानून और व्यवस्था) मनोज वर्मा ने कल बुधवार को पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों, एसटीएफ, साइबर सेल और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए. अधिकारी की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया.

घटनाओं पर अंकुश के लिए कई निर्देश

सरकार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया, “हाल के दिनों में कुछ ऐसी घटनाएं देखी गई हैं, जिनका कानून और व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है. ऐसे मामलों से समय-समय पर आवश्यक निर्देश और गाइडलाइंस जारी किए जा रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों में भीड़ द्वारा मॉब लिंचिंग की घटनाओं में इजाफा हुआ है, अब इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं.”

हाल ही में पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें एक जोड़े को बीच सड़क पर लोगों के सामने सार्वजनिक रूप से पीटा गया. जारी आदेश में अफसरों को कहा गया है, “सोशल मीडिया पर लगातार 24 घंटे निगरानी बनाए रखने की भी जरूरत है, ताकि आरोपियों के साथ-साथ ऐसी घटनाओं से संबंधित झूठा प्रचार करने वालों के खिलाफ और अधिक प्रभावी कदम उठाए जा सकें.”

मॉब लिंचिंग की कई घटनाओं में गई जान

आदेश में यह भी कहा गया है कि समय पर खुफिया जानकारी एकत्र करने के लिए सिविक वालंटियर्स और ग्राम पुलिस का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है, ताकि भीड़ द्वारा की गई हत्या से संबंधित किसी भी मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की जा सके. जिलों के पुलिस अफसरों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि मॉब लिंचिंग से जुड़े मुद्दों और ऐसी घटनाओं को रोकने के तरीकों के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने की जरूरत है.

पिछले महीने 28 जून को, सेंट्रल कोलकाता के बोबाजार इलाके में छात्रों के एक सरकारी छात्रावास में मोबाइल फोन चोरी के संदेह में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इसके एक दिन बाद, कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में इसी संदेह में भीड़ ने एक अन्य शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी. जबकि अन्य जिलों में भी भीड़ द्वारा मॉब लिंचिंग की घटना में 2 अन्य लोगों की मौत हो गई.

आदेश में कहा गया है, “महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के अपराध बेहद संवेदनशील हैं और ऐसे मामलों का शीघ्र रजिस्ट्रेशन और जघन्य अपराधों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है.” राज्य में ज्वैलरी की दुकानों और अन्य स्थानों पर डकैती की कई घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस को सभी हितधारकों को शामिल करके इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी तरीके विकसित करने का निर्देश दिया है.

Related posts

क्या हैं वो तीन तरह की इमरजेंसी, जिनका जिक्र भारतीय संविधान में भी है?

Uttarakhand Loksabha

लोकतंत्र-संविधान बचाने का चुनाव, हर एक वोट दिलाएगा रोजगार… दिल्लीवालों को सोनिया का संदेश

Uttarakhand Loksabha

बालियान बनाम संगीत सोम की लड़ाई अब जाट Vs ठाकुर पर आई, पश्चिमी यूपी में कैसे होगी भरपाई?

Uttarakhand Loksabha