16.9 C
Dehradun, IN
October 16, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
देश

शिक्षक भर्ती में UP सरकार ने आरक्षण का ख्याल नहीं रखा… चुनाव में खराब प्रदर्शन पर बोलीं अनुप्रिया पटेल

अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का बड़ा बयान सामने आया है. मोदी सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि विपक्ष ने ये भ्रम फैला दिया कि संविधान और आरक्षण खत्म हो जाएगा. मोदी सरकार ने पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा भी दिया. पहले कभी भी सैनिक स्कूल, नवोदय और कस्तूरबा स्कूल में आरक्षण नहीं मिलता था, लेकिन मोदी सरकार ने पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया.

लोकसभा चुनाव पर अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हमारा प्रदर्शन इसलिए खराब रहा क्योंकि 69000 शिक्षक भर्ती में यूपी सरकार ने आरक्षण का ख्याल नहीं रखा. ये सवाल उठाया भी नहीं गया. हमने यूपी के सीएम को चिट्ठी लिखी तो कहा गया कि मेरी राजनीतिक जमीन खत्म हो चुकी है. अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए मैं ये सब कह रही हूं.

‘वंचित वर्गों की आवाज उठाने से कोई रोक नहीं सकता’

उन्होंने कहा कि वंचित वर्गों की आवाज उठाने से हमें कोई रोक नहीं सकता है. ये लड़ाई मैं लड़ती रहूंगी. अनुप्रिया पटेल तो शेर सोनेलाल पटेल की बेटी है. हम उन दलों की तरह नहीं है जो सामाजिक न्याय भूल जाते हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे पर पटेल ने कहा कि उनका तो ये सत्ता पाने का हथियार है. इनसे सतर्क रहने की जरूरत है. प्रमोशन में आरक्षण का विरोध तो ऐसे ही लोगों ने किया था. ये लोग जब सत्ता में आएंगे तो बस परिवार की चिंता करेंगे.

मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत का संविधान कहता है कि लोकतंत्र में राजा तो ईवीएम से पैदा होता है. मैंने ऐसा कहा तो कुछ लोगों को बुरा लग गया. मैं पूछती हूं क्यों बुरा लगा? आज देश के पीएम नरेंद्र मोदी उसी ईवीएम के राजा है. मैं आगे भी ये कहती रहूंगी कि लोकतंत्र में राजा ईवीएम से पैदा होता है. जिनका कर्तव्य होता है जन सेवा के लिए अपने को खपा देना.

अनुप्रिया पटेल ने सीएम योगी को लिखी थी चिट्ठी

अनुप्रिया पटेल ने हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में उन्होंने इंटरव्यू के आधार पर मिलने वाली नौकरियों में पिछड़े और दलितों की अनदेखी करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने दावा किया था कि प्रदेश सरकार की इंटरव्यू वाली नियुक्तियों में ओबीसी, अनुसूचित जाति, जनजाति के उम्मीदवारों का चयन नहीं किया जाता है. उन्हें अयोग्य बताकर छांट दिया जाता है. बाद में सीट को अनारक्षित घोषित कर दिया जाता है. पटेल ने सरकार से इस तरह की व्यवस्था को तत्काल रोक लगाने और जरूरी कार्रवाई करने की अपील की.

Related posts

झारखंड में क्या जल्द होंगे विधानसभा चुनाव? जेल से रिहा होने के बाद हेमंत सोरेन का बड़ा बयान

Uttarakhand Loksabha

कश्मीर शहीद दिवस पर सियासी घमासान, महबूबा ने लगाया नजरबंद करने का आरोप

Uttarakhand Loksabha

नहीं हो पाएंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, अमरनाथ यात्रा के बीच पिघला शिवलिंग

Uttarakhand Loksabha