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July 16, 2026
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मध्यप्रदेश

आपका बच्चा पास हो गया है… सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हाथ से लिखकर दे रहे रिजल्ट; दो महीनों से नहीं मिली मार्कशीट

शिक्षा को आधुनिक बनाने और बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. लेकिन, स्कूलों के हालात है कि सुधर नहीं रहे. स्कूल-कॉलेजों में एडमिशन शुरू हो गए हैं. इसके बाबजूद उज्जैन के सीएम राइस स्कूल ने छात्रों के रिजल्ट घोषित होने के बाद भी उन्हें मार्कशीट नहीं दी है. इसकी वजह से छात्रों को दूसरे स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल पा रहा है.

जब मामला बिगड़ा तो आनन-फानन में स्कूल द्वारा हाथ से कागज पर लिखकर रिजल्ट दिया गया. सीएम स्कूल की यह घटना चर्चा में बनी हुई है. हैरत की बात यह है कि बच्चों को सिर्फ पास और फेल की जानकारी दी जा रही है. उनका प्रदर्शन कैसा रहा इसका उन्हें कोई पता नहीं है. स्कूल की लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग की प्रभारी संयुक्त संचालन ने जांच कराने की बात कही है.

उज्जैन के सीएम राइज स्कूल का मामला

पूरा मामला मक्सी रोड स्थित सीएम राइज शासकीय श्री जाल सेवा निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उज्जैन का है. यहां पर पिछले ढाई महीने से कक्षा छठी और सातवीं में पढ़ने वाले बच्चे अपने वार्षिक परीक्षा के रिजल्ट के लिए चक्कर लगा रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में हमारे बच्चों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्हें अभी तक रिजल्ट नहीं दिया गया है. बच्चे अब अन्य स्कूलों में एडमिशन लेने के लिए पहुंच रहे हैं तो वहां उनसे इस वर्ष का रिजल्ट मांगा जा रहा है. बाबजूद इसके सीएम राइज स्कूल द्वारा उन्हें लगातार चक्कर लगाने के बाद भी रिजल्ट नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण बच्चों को अन्य स्कूलों में एडमिशन नहीं मिल पा रहा है.

हाथ से लिखकर दिया जा रहा रिजल्ट

स्कूल के बच्चों का अब तक रिजल्ट नहीं दिए जाने के कारण उनके एडमिशन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य प्रदीप देशपांडे ने प्रमाणीकरण सर्टिफिकेट बनाना शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि संबंधित बच्चो ने इस वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है. वरिष्ठ कार्यालय से अभी इसके रिजल्ट प्राप्त नहीं हुए हैं. रिजल्ट आते ही बच्चों को प्रदान कर दिए जाएंगे, लेकिन इसके पहले बच्चों को इस प्रमाणीकरण सर्टिफिकेट के माध्यम से स्कूल में प्रवेश दिया जाए.

इस मामले में शिक्षा विभाग की प्रभारी संयुक्त संचालन रमा नाहटे ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है. जल्द ही इस मामले को दिखावाती हूं और बच्चों को रिजल्ट मिलने में जो भी परेशानी आ रही है इसे दूर करवाने का प्रयास करती हूं.

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