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September 1, 2026
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राजस्थान

1857 में जिन्होंने अंग्रेजों के छुड़ाए छक्के, ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के गांव के विकास पर खर्च होंगे एक करोड़

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले सेनानियों के प्रत्येक गांव को स्वातंत्र्य ग्राम घोषित करेंगे. हर स्वातंत्र्य गांव में 1 करोड़ रूपए खर्च करके स्मारक बनाए जाएंगे. इसके तहत राजस्थान के नागौर में आसोप, गुलर और आलनियावास को चिन्हित किया गया है. इसके अलावा भी कुछ अन्य गांवों को इस योजना से जोड़ा जाएगा.

राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि राज्य के सभी प्राचीन धरोहर और यादगार स्मारकों को विकसित किया जाएगा. राजस्थान के अंदर 2006 से राज्य के महापुरुषों के पैनोरमा बनाने का काम शुरू हुआ था. उसी समय नागौर जिले में तेजाजी महाराज, मीरा बाई, जांभोजी महाराज और अमर सिंह राठौड़ के पैनोरमा बनाने तय हुए थे. राज्य के सभी महापुरुषों के पैनोरमा तैयार किए गए. महापुरुष किसी दल के नहीं होते, पूरे प्रदेश के होते हैं.

सालों से शोध के लिए आते रहे हैं लोग

नागौर के अमरसिंह राठौड़ के जीवन पर पीएचडी के शोध विषयों में शामिल किया गया है. स्कूलों व कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को साल में एक बार इन पैनोरमा का भ्रमण करवाना होगा. इसके लिए जिला स्तरीय पर्यटन समिति को निर्देशित किया गया है. अमर सिंह राठौड़ पैनोरमा की टूट-फूट को दुरुस्त करवाया जा रहा है.

ग्रामीण क्षेत्रों में बने महापुरूषों के स्मारक व धरोहर स्थलों को विकसित किया जाएगा. इस दौरान मूंडवा एसडीओ लाखा राम, मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष सुखराम खुड़खुड़िया, सूचना जनसंपर्क अधिकारी अजीतसिंह मातवा, खरनाल सरपंच शिवदेवराम धोलिया समेत कई लोग मौजूद थे.

पौधों के संरक्षण की ली जिम्मेदारी

लखावत ने अमर सिंह राठौड़ पैनारमा स्थल पर पौधारोपण किया और पेड़ पौधों के संरक्षण को लेकर मौजूद कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी. इसके बाद आरएचए अध्यक्ष लखावत जिला मुख्यालय के निकटवर्ती खरनाल स्थित लोक देवता वीर तेजाजी महाराज के दर्शन करने पहुंचे. यहां उन्होंने मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारी व अन्य लोगों से चर्चा करते हुए कहा कि तेजाजी महाराज समेत सभी लोक देवता हमारे लिए पूजनीय हैं. इनकी वजह से हमारी लोक संस्कृति जीवित है. आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए हमें इन लोक देवी-देवताओं के स्थान का भरपूर विकास करवाना होगा. इसके लिए प्रदेश सरकार समेत सभी लोग प्रतिबद्ध हैं. जल्द ही प्रदेश सरकार से राशि स्वीकृत करवाकर भी इन स्थानों का विकास करवाने के प्रयास किए जाएंगे.

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