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January 15, 2026
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छगन भुजबल सहित ये विधायक छोड़ेंगे अजित का साथ? रोहित पवार का दावा

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में अटकलों का दौर जारी है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी और महागठबंधन की पार्टियों की प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. खास कर एनसीपी के अजित पवार के गुट के प्रदर्शन के बाद कयासों का दौरा जारी है. एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक और शरद पवार के भतीजे रोहित पवार ने बड़ा दावा किया है. रोहित पवार ने कहा है कि सिर्फ छगन भुजबल ही नहीं, बल्कि अजित गुट के कई विधायक भी उनका साथ छोड़ने वाले हैं.

बता दें कि अजित पवार गुट के नेता छगन भुजबल पार्टी से नाखुश हैं. छगन भुजबल ने राज्यसभा में न भेजे जाने पर नाराजगी जताई है. इन सभी चर्चाओं के बीच शरद पवार के विधायक रोहित पवार का यह बयान आया है. राज्यसभा उपचुनाव के लिए अजित पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाया है.

पिछले कुछ दिनों से चर्चा है कि मंत्री छगन भुजबल पार्टी छोड़ देंगे. इस पर विधायक रोहित पवार ने सांकेतिक बयान दिया है. छगन भुजबल ने कहा था कि मैं अजित पवार के साथ नहीं, बल्कि एनसीपी के साथ हूं. छगन भुजबल एक अनुभवी नेता हैं और उन्होंने कुछ न कुछ अनुमान लगाया होगा. इसीलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया होगा. सिर्फ छगन भुजबल ही नहीं बल्कि कई नेता और विधायक पार्टी छोड़ने वाले हैं.

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद हलचल

बता दें कि लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों भाजपा, अजित पवार (एनसीपी) और शिव सेना (शिदें) को केवल 17 सीटें मिलीं हैं. इसमें बीजेपी को नौ सीटें मिली हैं, जबकि पिछले चुनाव में 23 सीटें मिली थी. जबकि महाविकास अघाड़ी की पार्डियों शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को 48 में से 30 सीटें मिली है. इस चुनाव के बाद एनसीपी की अजित पवार और शिव सेना (शिंदे गुट) के विधायकों के टूटने की खबरें आ रही हैं.

रोहित पवार ने दावा किया था कि अजित पवार गुट के 18 से 19 विधायक उन लोगों के संपर्क में हैं. महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र 27 जून से शुरू होकर 12 जुलाई तक चलेगा. इस सत्र के दौरान विधायक पाला बदल कर सकते हैं. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अक्टूबर में होने वाला मानसून सत्र विधानमंडल का आखिरी सत्र माना जा रहा है.

रोहित पवार का बड़ा दावा

इस बीच, शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कहा कि छगन भुजबल के बयान से ठाकरे गुट को फायदा हो रहा है और महागठबंधन में हलचल है. इस पर रोहित पवार ने कहा कि महागठबंधन में सभी नेता अपने बारे में सोच रहे हैं. जनता को उनसे कोई लेना-देना नहीं है. लोकसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के विधायकों को डर सताने लगा है. अब हमारा क्या होगा? रोहित पवार ने कहा कि हार का ठीकरा किसी पर फोड़ा जा रहा है, कभी भुजबल साहब का नाम लिया जाता है तो कभी अजित पवार का नाम लिया जाता है.

प्रदेश में आज से पुलिस भर्ती शुरू हो गई है. रोहित पवार ने मांग की है कि पुलिस भर्ती के लिए आए अभ्यर्थियों को सुख-सुविधा दी जाए. साथ ही अगर सरकार पर भरोसा न होने के कारण भर्ती टलती है तो दोबारा आचार संहिता लागू हो सकती है. पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती होनी है. इन 17 हजार पदों के लिए 17 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. उन्होंने यह भी अपील की कि 17 लाख छात्रों की बेरोजगारी पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

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