16.4 C
Dehradun, IN
October 18, 2026
Home | Uttarakhand Loksabha Local and National News in Hindi
बिहार

बिहार: NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड सिकंदर सस्पेंड, अब तक 14 हो चुके हैं गिरफ्तार

बिहार में नीट परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है. अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई है. सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा है. इस बीच पुलिस ने कई गिरफ्तारियां भी की है. इनमें से एक नाम सिकंदर यादवेंदु का है.

जो नीट परीक्षा मामले के सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. खबर आई है कि गिरफ्तार सिकंदर को सस्पेंड कर दिया गया है. सिकंदर दानापुर में नगर आवास विभाग में पदस्थापित था जिसे पहले उसके मूल विभाग जलसंसाधन भेजा गया फिर उसे जल संसाधन विभाग में सस्पेंड कर दिया है.

जानिए कौन है सिकंदर यादवेंदु

सिकंदर यादवेंदु इस पूरे मामले का किंगपिन यानी कि सरगना बताया जा रहा है. वो बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है. हालांकि ये पहला घोटाला नहीं है जिसमें वो पकड़ा जा चुका है. वो ऐसे ही एक दूसरे घोटाले के मामले में जेल भी जा चुका है. दरअसल सिकंदर 3 करोड़ के एलईडी घोटाले का आरोपी था. इसी मामले में वो जेल भी जा चुका है.

सिकंदर पहले रांची में ठेकेदारी का काम करता था. साल 2012 में उसने बिहार SSC परीक्षा पास की और जूनियर इंजीनियर बन गया. उसका बेटा और बेटी दोनों एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. उसका दामाद एमबीबीएस के बाद पीजी कर रहा है.

आरोपियों का कबूलनामा

आरोपियों ने कबूल किया है कि 5 मई को परीक्षा थी और पेपर चार मई को ही लीक हो गया था. अभ्यर्थियों से 30 से 32 लाख रुपये लिए गए थे. पटना ईओयू (इकनॉमिक ऑफेंसेस यूनिट) ने जो 6 पोस्ट डेटेड चेक बरामद किए हैं, ये सभी माफियाओं के नाम जारी किए गए थे. अब ईओयू अकाउंट होल्डर्स के बारे में जानकारी जुटा रही है. अबतक बिहार में नीट पेपर लीक मामले को लेकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसमें 5 नीट यूजी के अभ्यर्थी हैं.

Related posts

बिहार: तेजाब से नहलाकर मार डाला…माफी मांगने गए रेप के आरोपी को ‘तालिबानी सजा’

Uttarakhand Loksabha

ससुर का 12 साल से चल रहा था अफेयर, भनक लगते ही दामाद ने सिखाया ऐसा सबक, उम्र भर रखेगा याद

Uttarakhand Loksabha

पहले प्यार, फिर मंदिर में शादी… ऑटो लेने के बहाने गायब हुआ प्रेमी, पकड़ में आया तो जमकर धुना

Uttarakhand Loksabha