जबलपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे खजरी खिरिया बाइपास िस्थत कबाड़खाने में विस्फोट के बाद फरार हुए हिस्ट्रीशीटर गुंडें और तीस हजार के इनामी शमीम कबाड़ी के शहर में भी कई मददगार हैं। शमीम एसयूवी से नागपुर तक गया था। यह जानकारी लगने के बाद पुलिस टीम अब यह पता लगा रही है कि आखिरकार एसयूवी नागपुर तक चलाकर कौन ले गया। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके साथ और कौन-कौन एसयूवी में उस वक्त सवार था।
करीम सत्तार पटेल से 50 हजार रुपये लिए थे
शमीम ने नागपुर पहुंचने के बाद परिचित कबाड़ी नागपुर निवासी करीम सत्तार पटेल से 50 हजार रुपये लिए थे। इतना ही नहीं वह वहां होटल में रुका था। लेकिन इतनी कम रकम में इतने दिनों तक फरारी काटना असंभव है। पुलिस को आंशका है कि उसे और भी लोगों ने रुपये दिए और अन्य तरह की मदद की। उनका भी पता लगाया जा रहा है।
यह है मामला
हाईवे से लगे हिस्ट्रीशीटर गुंडे शमीम कबाड़ी के कारखाने में 25 अप्रेल को विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना खतरनाक था कि लगभग आठ से दस हजार वर्गफीट में फैला पूरा कबाडख़ाना ढ़ह गया। वहीं विस्फोट की गूंज पांच से छह किलोमीटर तक के इलाके में सुनाई दी थी। आशंका है कि स्क्रेप में जिंदा बम के फटने से घटना हुई। घटना में दो मजदूर गौर निवासी भोलाराम और आनंद नगर निवासी खलील लापता हो गए थे। हाल ही में मिली डीएनए रिपोर्ट में विस्फोट में खलील की मौत की पुष्टि हुई। वहीं भोला की गुमशुदगी दर्ज की गई है। मामले में अधारताल पुलिस ने शमीम उसके बेटे फहीम और पार्टनर सुल्तान पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। शमीम फरार है और उस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

