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April 17, 2026
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उत्तरप्रदेश

बागपत के अस्पताल में लगी आग… नहीं था NOC, आग बुझाने वाले भी छोड़कर बाहर भागे

गुजरात के गेम जोन और दिल्ली के बेबी केयर अस्पताल के बाद अब उत्तर प्रदेश के बागपत में एक निजी हॉस्पीटल में आग लग गई. आग सुबह तड़के 4 बजकर 45 मिनट पर अस्पताल की तीसरी मंजिल में लगी है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती 12 मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया. राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई. जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया है.

आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की चार गाडियां मौके पर पहुंच गई. फायर कर्मियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया. आग लगने की वजह की जांच की जा रही है. शुरूआती जांच में आग लगने का कारण बिजली शॉर्ट सर्किट पाया गया है. अस्पताल की जिस बिल्डिंग में आग लगी उसमें कबाड़ भरा हुआ था. इस मामले में अस्पताल संचालक की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है.

अस्पताल से मरीजों को निकाला बाहर

जिले के बड़ौत शहर में दिल्ली-सहारनपुर रोड पर स्थित निजी क्लीनिक आस्था हॉस्पिटल में आग लगने से हड़कंप मच गया. सुबह के वक्त ज्यादातर लोग नींद की झपकी में थे. इस दौरान अस्पताल की तीसरी मंजिल से धुआं और आग की लपटों ने सभी की नींद उड़ा दी. कुछ ही समय में पूरे हॉस्पिटल में भगदड़ जैसे हालात बन गए. जिस वक्त आग की घटना हुई उस दौरान अस्पताल में 12 मरीज भर्ती थे. हॉस्पिटल स्टाफ व मरीजों के परिजनों ने उन्हें अस्पताल की बिल्डिंग से सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरी जगह शिफ्ट किया.

फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों ने पाया काबू

आग लगने की जानकारी फायर ब्रिगेड को दी गई. सूचना पाते ही चीफ फायर ऑफिसर अमरेंद्र प्रताप सिंह दमकल की 4 गाडियां लेकर घटनास्थल पर पहुंचे. फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने जल्द ही आग पर काबू पा लिया. अस्पताल में लगी आग की खबर से जिले के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि आस्था हॉस्पीटल की तीसरी मंजिल पर आग की घटना हुई है, जिसे काबू कर लिया गया है. आग जिस मंजिल पर लगी उसमें कबाड़ भरा हुआ था.

15 दिन पहले दिया था नोटिस

जिलाधिकरी ने बताया कि अस्पताल में आग बुझाने के उपकरण मौजूद थे, लेकिन उन्हें चलाने वाले वहां मौजूद नहीं थे. उन्होंने बताया कि अस्पताल की जिस तीसरी मंजिल में आग लगी उसकी एनओसी नहीं थी. अस्पताल की सिर्फ दो मंजिल की एनओसी थी. फायर विभाग ने 15 दिन पहले अस्पताल को नोटिस भी जारी किया था. उनका कहना है कि मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

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