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July 17, 2026
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महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग-राजौरी में वोटिंग के दौरान पुलिस थाने के सामने दिया धरना

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और मतदन एजेंट को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के खिलाफ शनिवार को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी में वोटिंग के दौरान जिले में एक पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

इसी बीच महबूबा मुफ्ती ने यह भी दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से फोन करने की (आउटगोइंग कॉल) सुविधा बिना किसी जानकारी के निलंबित कर दी गई है. हालांकि, पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोग ओवरग्राउंड वर्कर (आतंकवादियों के सहयोगी) हैं और यह कार्रवाई चुनाव का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है.

महबूबा मुफ्ती ने क्या कहा

मुफ्ती ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिजबेहरा पुलिस थाने के बाहर धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की. महबूबा ने संवाददाताओं से कहा, हमारे पीडीपी मतदान एजेंट को निशाना बनाया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है. हम इसका कारण पूछ रहे हैं लेकिन वो कुछ नहीं बता रहे. उन्होंने कहा कि इतना डरते थे तो LG साहब बताते मैं चुनाव ही न लड़ती. उन्होंने कहा कि इस तरह की धांधली 1987 में देखी गई थी. कई लोगों का मानना है कि उसी के कारण कश्मीर में आतंकवाद भड़का था.

पुलिस ने बताई गिरफ्तारी की वजह

पुलिस ने कहा कि सिर्फ उन कुछ लोगों को ही हिरासत में लिया गया है जिनका पिछला रिकॉर्ड खराब है और जो मतदान के दिन कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, वो ओवरग्राउंड वर्कर हैं और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया है.

प्रदर्शनकारी ने कहा मतदान का अधिकार सबको

एक प्रदर्शनकारी यास्मीन ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों में उनके पति भी शामिल हैं. यास्मीन ने कहा, मैं कल रात से बहुत परेशान हूं. मेरे पति किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं हैं, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया है. यास्मीन ने कहा, हमें उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा, आज मतदान का दिन है और सभी को मतदान करने का अधिकार है. उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया और मतदान करने से क्यों रोका गया? कानून सभी के लिए समान होना चाहिए.

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