निदेशक, कोषागार एवं वित्त सेवायें के रूप में कोषागार सेवा एवं अन्य विभागों में वित्तीय सेवाओं का सुदृढीकरण प्रथम प्राथमिकता है, जिससे मानव संसाधन एवं अन्य संसाधनों का इष्टतम प्रबन्ध एवं उपयोग करते हुए, राज्य सरकार की कल्याणकारी नीति के साथ परफैक्ट एलाईनमेन्ट हासिल किया जा सके। साथ ही वित्त सेवा के कोषागारों में नियुक्त कोषाधिकारी / मुख्य कोषाधिकारी तथा विभिन्न विभागों में नियुक्त वित्त अधिकारी / वित्त नियंत्रकों को उनके दायित्वों के नियमानुसार, कुशलतापूर्वक तथा पूर्ण सत्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करने में मजबूती प्रदान की जा सके।

2- निदेशक, पेंशन एवं हकदारी के रूप में यह प्रयास होगा कि समस्त पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों का त्वरित निस्तारण कराया जाए।
3- महालेखाकार, उत्तराखण्ड के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्तराखण्ड राज्य के सही वित्तीय आंकड़े समयान्तर्गत तैयार किया जाना।
4-वित्त विभाग, उत्तराखण्ड शासन के साथ उचित समन्वय स्थापित कर, उचित दिशा-निर्देश प्राप्त करना।

5-वित्त विभाग, उत्तराखण्ड शासन के दिशा-निर्देशों के अधीन केन्द्र पोषित योजनाओं यथा एस०एन०ए० स्पर्श एवं एस०एन०ए० माड्यूल में संचालित विभिन्न राज्य योजनाओं का सफल संचालन सुनिश्चित करना।

